बाबा अमरनाथ यात्रा 2026 में लगेंगे 120 से अधिक लंगर, संगठनों को अनुमति का इंतजार
बाबा अमरनाथ यात्रा के लिए लंगर संगठन अनुमति का इंतजार कर रहे हैं, जिसकी आवेदन प्रक्रिया 25 मार्च को पूरी हो चुकी है। यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 57 दिनों तक चलेगी। श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड 120 से अधिक लंगरों को अनुमति देगा, जो पहलगाम और बालटाल मार्गों पर लगेंगे।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। बाबा अमरनाथ यात्रा के दोनों प्रमुख मार्गों यानी पहलगाम और बालटाल से लेकर पवित्र गुफा तक लंगर लगाने की तैयारी में जुटे संगठन अब श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड से अनुमति मिलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। बोर्ड ने आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 25 मार्च तय की थी और उस तिथि तक सभी आवेदन बोर्ड को मिल चुके हैं। अब संगठनों की नजरें बोर्ड पर टिकी हैं कि वह कितने लंगर संगठनों को यात्रा मार्ग पर सेवा करने की अनुमति प्रदान करता है।
इस वर्ष बाबा अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू होगी और यह यात्रा पूरे 57 दिनों तक चलेगी। रक्षा बंधन के पावन अवसर पर 28 अगस्त को यह यात्रा संपन्न होगी। फिलहाल श्रद्धालुओं का एडवांस पंजीकरण जोरों पर चल रहा है। यात्रा की सभी जरूरी तैयारियां भी तेज गति से आगे बढ़ रही हैं। अनंतनाग जिला प्रशासन ने पहलगाम रूट पर टेंट और दुकानें लगाने के लिए ड्रॉ निकालकर आवंटन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
बाबा अमरनाथ यात्रा 2026 में लगेंगे 120 से अधिक लंगर
बाबा अमरनाथ यात्रा के दोनों मार्गों पर हर साल करीब एक सौ बीस लंगर लगते हैं। इस बार भी लंगर संगठन अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। यात्रा में लंगर संगठन बहुत अहम भूमिका निभाते हैं क्योंकि वे हजारों श्रद्धालुओं को मुफ्त भोजन और पानी उपलब्ध कराते हैं। सबसे अधिक लंगर पंजाब के संगठन लगाते हैं। इसके अलावा हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और गुजरात के संगठन भी इस पुण्य कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
यात्रा मार्ग पर लंगरों की संख्या की बात करें तो बालटाल और दोमेल में सबसे अधिक 25 लंगर लगते हैं। पवित्र गुफा में 13, शेषनाग में आठ, पिस्सुटाप में पांच, पंचतरणी में 12, चंदनबाड़ी में सात, नुनवन में नौ और जोजीबल में पांच लंगर लगाए जाते हैं। श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड लंगर वालों के लिए खाने का मेनू भी तय करता है। बोर्ड लंगर संगठनों को अधिक तेल वाली चीजें परोसने से बचने की सलाह देता है और श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पौष्टिक आहार परोसने के लिए प्रेरित करता है।
जम्मू के आधार शिविर यात्री निवास भगवती नगर में भी पांच लंगर लगाए जाते हैं। जम्मू से लखनपुर तक राष्ट्रीय राजमार्ग और जम्मू से श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब पचास लंगर लगाने की योजना है। इन लंगरों का मुख्य उद्देश्य यात्रा के जत्थे में चलने वाले श्रद्धालुओं को रास्ते में भोजन और पानी की सुविधा देना होता है। यात्रा मार्गों पर लंगर लगाने वाले अधिकांश संगठन अपना शैड और जरूरी सामान पहलगाम और बालटाल में स्थित स्टोर में पहले से रखते हैं।
संगठनों को अनुमति का इंतजार
संगठन हर साल उसी सामान का उपयोग करते हैं जिससे उनकी सुविधा बनी रहती है। इसके साथ ही कुछ संगठन ट्रकों के जरिए नया सामान भी लेकर आते हैं। सेवादार भी ट्रकों में सामान के साथ ही यात्रा स्थलों पर पहुंचते हैं। शैड बनाकर लंगर की पूरी तैयारी की जाती है। चूंकि यात्रा शुरू होने में अभी काफी समय बाकी है, इसलिए लंगर संगठन अभी अनुमति मिलने का इंतजार कर रहे हैं। अनुमति मिलते ही वे सामग्री की खरीद और अन्य सभी प्रबंध पूरे करेंगे।
आमतौर पर यात्रा शुरू होने से पंद्रह दिन पहले लंगर संगठन अपने-अपने स्थानों से पहलगाम और बालटाल के लिए रवाना होते हैं। वहां पहुंचकर वे सामान को आगे के निर्धारित शिविरों तक पहुंचाते हैं। बाबा बर्फानी लंगर आर्गेनाइजेशन के प्रधान राजन गुप्ता ने बताया कि हम लंगर लगाने की अनुमति का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही अनुमति मिलेगी, हम अपनी तैयारियों को और तेज कर देंगे।
Important link:
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