Chardham Yatra: पहली बार केदारनाथ व बदरीनाथ धाम में लगेगी एटीसी प्रणाली, पल-पल मिलेगी मौसम की जानकारी
Chardham Yatra 2026: सरकार ने इस साल चारधाम यात्रा को पहले से ज्यादा सुरक्षित और आसान बनाने का फैसला किया है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और हेमकुंड साहिब जैसे पवित्र धाम ऊंचे पहाड़ों पर बसे हैं। इन जगहों पर मौसम बहुत तेजी से बदलता है। कभी धूप तो कभी बारिश और कभी घना कोहरा छा जाता है। ऐसे में हेलिकॉप्टर उड़ाना बहुत मुश्किल और खतरनाक हो जाता है।
ATC प्रणाली से मिलेगी हर पल की मौसम जानकारी
इस बार यूकाडा यानी उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण ने एक बड़ा कदम उठाया है। पहली बार केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में हवाई यातायात नियंत्रण यानी एटीसी प्रणाली लगाई जाएगी। यह सिस्टम हर मिनट मौसम की जानकारी देगा। इससे हेलिकॉप्टर पायलटों को पता चलेगा कि आसमान में उड़ना सुरक्षित है या नहीं। अगर मौसम खराब होगा तो हेलिकॉप्टरों को उड़ान की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पिछले साल हुए हादसों के बाद उठाया बड़ा कदम
केदारनाथ और बदरीनाथ धाम उच्च हिमालयी क्षेत्र में होने से यहां पल-पल मौसम बदलता है। घाटियों में धुंध व बारिश हेलिकॉप्टरों की उड़ान में बाधा उत्पन्न करने के साथ हादसे का खतरा बना रहता है। पिछले साल केदारनाथ और उत्तरकाशी में दो हेलिकॉप्टर हादसे हुए। इन दुर्घटनाओं में 13 लोगों की जान चली गई। यह बहुत दुखद था। इसके बाद डीजीसीए और यूकाडा ने मिलकर हेलिकॉप्टरों की सुरक्षित उड़ान के लिए कई सख्त नियम बनाए।
सिरसी और सहस्त्रधारा में पहले ही लग चुकी है एटीएस प्रणाली
सरकार ने पहले ही सिरसी और सहस्त्रधारा हेलिपैड पर एटीएस प्रणाली लगा दी है। अब इस काम को आगे बढ़ाते हुए केदारनाथ और बदरीनाथ में भी यही काम होगा। यात्रा शुरू होने से पहले दोनों धामों में एटीसी प्रणाली काम करने लगेगी। इसके साथ ही हेलिकॉप्टरों पर लाइव ट्रैकिंग भी लगाई जाएगी। इससे अधिकारी हर हेलिकॉप्टर की उड़ान पर नजर रख सकेंगे।
25 फरवरी तक पूरी होगी टेंडर प्रक्रिया
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के सीईओ आशीष चौहान ने बताया कि केदारनाथ हेली सेवा के लिए 25 फरवरी तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद केदारनाथ व बदरीनाथ धाम में एटीसी सिस्टम लगाने का काम शुरू होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुरक्षित हेली सेवा के संचालन के लिए फुल प्रूफ व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार चाहती है कि हर यात्री सुरक्षित तरीके से दर्शन कर घर लौटे।
Chardham Yatra 2026 में यह नई व्यवस्था लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा को पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित बनाएगी। एटीसी प्रणाली और लाइव ट्रैकिंग से हेलिकॉप्टर सेवाएं बेहतर और भरोसेमंद होंगी।
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