चारधाम यात्रा: ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल से होगी श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की रियल-टाइम मॉनिटरिंग, तैयारियां तेज
इस बार चारधाम यात्रा का आगाज 19 अप्रैल से होने जा रहा है. जिसकी तैयारियां जोरों पर चल रही हैं.
देहरादून: उत्तराखंड सरकार चारधाम यात्रा 2026 को पहले से ज्यादा सुरक्षित और स्वस्थ बनाने के लिए पूरी ताकत से काम कर रही है. हर साल लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड के चारों पवित्र धामों के दर्शन करने आते हैं. इस बार सरकार यात्रा पर आने वाले हर तीर्थयात्री के स्वास्थ्य की निगरानी ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल के जरिए रीयल-टाइम में करेगी. इससे जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को तुरंत स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी.
चारधाम यात्रा के चारों पवित्र स्थल उत्तराखंड के ऊंचे हिमालयी इलाकों में बसे हैं. इन ऊंचाई वाले स्थानों पर देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को कभी-कभी सांस लेने में तकलीफ, थकान और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं होने लगती हैं. इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार इस बार एक सुरक्षित और स्वस्थ चारधाम यात्रा के लिए खास इंतजाम कर रही है. सरकार यात्रा मार्गों, मुख्य पड़ावों और चारों धामों में स्थायी और अस्थायी दोनों तरह की चिकित्सा इकाइयों को पूरी तरह तैयार रखेगी. इसके लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को पहले ही जरूरी निर्देश दे दिए गए हैं.
ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल से होगी श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की रियल-टाइम मॉनिटरिंग
इस बार हर तीर्थयात्री के स्वास्थ्य की जानकारी ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल पर रीयल-टाइम में दर्ज होगी और उसकी निगरानी की जाएगी. इससे किसी भी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने पर तुरंत मदद पहुंचाई जा सकेगी. इसके साथ ही पूरी यात्रा के दौरान कुल 177 एम्बुलेंस सेवाएं तैनात रहेंगी. इनमें 108 आपातकालीन एम्बुलेंस, एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस और कार्डियक एम्बुलेंस सेवा शामिल हैं. इसके अलावा टिहरी में एक बोट एम्बुलेंस और एक हेली एम्बुलेंस भी काम करेगी, जिसे एम्स ऋषिकेश से चलाया जाएगा. यात्रा मार्गों पर एम्बुलेंस सेवा का रिस्पांस टाइम कम से कम रखा जाएगा ताकि हर तीर्थयात्री को समय पर इलाज मिल सके.
डॉ. धन सिंह रावत ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि यात्रा मार्गों पर 25 मेडिकल रिलीफ पोस्ट और 33 हेल्थ स्क्रीनिंग प्वाइंट बनाए गए हैं. इन केंद्रों पर श्रद्धालुओं की ऊंचाई से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं की जांच होगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत उपचार भी दिया जाएगा. यात्रा के दौरान बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए सरकार 16 विशेषज्ञ चिकित्सक, 46 मेडिकल ऑफिसर और 85 पैरामेडिकल स्टाफ को 15 दिन के रोस्टर के आधार पर तैनात करेगी. इन सभी की रोटेशन के आधार पर ड्यूटी लगाई जाएगी ताकि हर समय पर्याप्त चिकित्सा सहायता उपलब्ध रहे. इसके अलावा 100 स्वास्थ्य मित्र भी यात्रा मार्गों पर तैनात किए जाएंगे जो श्रद्धालुओं की मदद करेंगे.
यह प्रेस विज्ञप्ति उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग द्वारा चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों के संबंध में जारी की गई है.
Book chardham package https://www.shrineyatra.in/chardham-yatra-package-from-delhi
